मेरे रोम का हर एक हिस्सा मुझे कचोटता है मेरे रोम का हर एक हिस्सा मुझे कचोटता है
रचना को कल्पना पटल से, कागज पर उकेरना... रचना को कल्पना पटल से, कागज पर उकेरना...
बना सकूँ एक खूबसूरत सी तस्वीर अपनी यादों के पटल पर। बना सकूँ एक खूबसूरत सी तस्वीर अपनी यादों के पटल पर।
राष्ट्रीयता इसको मिले, यही हिंद उपहार। आओ सब मिलकर भरें, इसमें नव संस्कार। राष्ट्रीयता इसको मिले, यही हिंद उपहार। आओ सब मिलकर भरें, इसमें नव संस्कार।
कोई प्रोत्साहित करता है हरदम मुझको, किसी ने यूं ही गले लगाया है। किसी की बातें। ... कोई प्रोत्साहित करता है हरदम मुझको, किसी ने यूं ही गले लगाया है। किसी की ब...
राम गृहस्थ में संत-नारायण है, राम अंत में आदि है। राम गृहस्थ में संत-नारायण है, राम अंत में आदि है।